Testimonials

Success Stories Of Our Patients

Thousands of people get benefit
Patient Ramesh Sharma

Mr. Sharma Ji

I was both a knee and heart patient. My doctor opined, knee replacement could increase the risk of heart attack therefore I suffered knees pain for around 15 long years. I underwent Regenerative Cell Therapy at Sahaj Hospital. After Sahaj therapy, I started walking using walker and within 2 months I can walk freely. I also have backache issue which reduced finger griping power, but through Sahaj therapy, I can hold things now.  
Patient AB sheerwani

Mr. Sheerwani Ji

No operation; no surgery; no big scary instrument; no medicine; no pain; not even time consuming. After taking the Sahaj Therapy I can walk, ride and drive. Presently, I can walk upto 2 km daily, and on Sundays it’s approx 7 km. I can attend classes, meetings and functions with high confidence. I would suggest everyone to trust, and prefer Sahaj therapy over getting artificial knees.  
Patient GD Birla

Mr. Birla Ji

Doctors were suggesting me Knee replacement but my wife had a terrible experience with knee replacement treatment and she is still suffering. When I got to know about Sahaj Therapy, I seeked advice from few patients, who suggested me to go for it. I would recommend every Knee patient to try it because it’s safe; no operation is needed and there are no side effects as well. Thanks Sahaj Hospital!! for giving me, my routine of daily walk, back.    
Patient bhawana hasija

Mrs Bhawana Ji

For a long span of 15 years I was on wheelchair because of RA and multiple joint pain problem. I started believing that spending a life depended on someone was my destiny. But, a miracle occured that turned my life around. I started walking with the help of Crutches stick and then freely in few months with the help of SVF therapy (Regenerative Cell Therapy). Sahaj SVF changed my life without any medication and believe me it was like a miracle.
Patient sangeeta hada

Mrs. Sangeeta Ji

I had a successful career that got ended as I was struggling with severe pain in knees, ankle, and even my thumb. It was both a physical and moral setback for me. Once, I was fit to manage both my work and family, but then, getting myself a glass of water became a challenge. Ater suffering for four months, I took the Sahaj Therapy (Regenerative Cell Therapy). I got over that painful period. I finish all household jobs like cleaning and cooking by myself and I am enjoying my days playing with our little grand daughter. Hence, I will highly recommended you to go for the Sahaj therapy.
Patient Kamla in indore

श्रीमती कमला जी

मेरा नाम कमला, उम्र 72 वर्ष हैं, मैं बहुत सामाजिक महिला हूँ जिसे सभी के साथ मिल कर जीवन जीने में एवं सभी के साथ अपने अनुभवों को साझा करने में बहुत आनंद की अनुभूति होती हैं परन्तु पिछले कई वर्षों से मैं घुटनों कि समस्या से परेशान थी,मुझे अपने दैनिक कार्य जैसे सीडिया चढ़ना, नीचे बैठ के भगवन भक्ति करना, भजन करना आदि में परेशानी होती थी, इसके अलावा मुझे अपने खुद के दैनिक कार्य करने में भी एक बहुत बड़ी दर्द्कारक अवस्था से गुजरना पड़ता था | मै समाज ओर परिजनों से इस दर्द की वजह से दूर हो गयी थी | मेरे बच्चो ने मेरा कई जगह इलाज कराया, कई डाक्टरों को दिखाया, हर तरह से इलाज मतलब होम्योपथी, यूनानी , आयुर्वेदिक , एवं एलॉपथी जैसी विधाओ से इलाज कराया , परन्तु मेरा दर्द धीमे धीमे बढता जा रहा था, एवं जीवन में परेशानी बढती जा रही थी, सभी विधाओं से इलाज करने बाद मुझे ये समझ आ चुका था कि इस समस्या से बचना आसान नहीं हैं, व मैं केवल अपनी जीवन शैली में परिवर्तन करके इस समस्या से थोड़े समय तक निजात पा सकती हूँ परन्तु इससे मेरा सामाजिक व पारिवारिक जीवन प्रभावित होने लगा था | मेरे परिजनों ने मेरे परेशानी को समझते हुए यह निश्चय कर लिया था कि अब मुझे जोड़ प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी ही कराना होगा, मैंने भी मन ही मन ये मान लिया था कि इस समस्या से निजात पाने का यही तरीका बाकी हैं जिसे मुझे ना चाहते हुए भी अपनाना ही होगा ,तभी मुझे हमारे परिचित ने एक नयी तकनीक के बारे में बताया, जिसमे बिना जोड़ प्रत्यारोपण के अपना इलाज करा सकते थे | पहले मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ क्यूंकि मैं बहुत से तरीकों से इलाज करवा कर परेशान हो चुकी थी, पर पारिवारिक लोगो के समझाने पर मैंने इंदौर आ कर सहज थेरेपी के बारे में जानकारी ली एवं समझा एवं मेरे बच्चो ने इसके बारे मैं सभी जानकारी ली व यह जाना कि यह बहुत आसान प्रक्रिया हैं, जिसके परिणाम बहुत ज्यादा अच्छे हैं | इस पद्धति से मैंने इलाज कराया आज इलाज के २ महीने बाद ही मैं यह गर्व से कह सकती थी कि मेरा फैसला एकदम सही था, सहज थेरेपी से इलाज के बाद मेरी परेशानी 95 % कम हो गयी एवं आज २ साल बीतने पर मुझे मेरा व मेरे परिजनों का फैसला एकदम सही लगा, आज सहज थेरपी की वजह से मैं खुशी से अपना जीवन जी रहीं हूँ | इस तकनीक से इलाज कराने के बाद किसी भी तरह के प्रतिबन्ध नहीं होते हैं व मरीज अपने सारे काम खुद से सर्जरी के तुरंत बाद से ही कर सकता हैं | जोड़ो के दर्द से परेशान मरीज एक बार सहज थेरेपी में जरूर संपर्क करें | यह बहुत ही आसान, सरल, सहज, बिना किसी चीर फाड के होने वाली प्रक्रिया हैं, जिसको कराने के बाद आपको जीवन शैली में कोई परिवर्तन नहीं करना होता हैं | धन्यवाद सहज थेरेपी मेरे जीवन में नयी उमंग लाने के लिए ,आप ही के कारण मैं अपने परिजन एवं समाज के लिए अब कोई बूढी महिला ना होकर एक अनुभवी महिला के रूप में अपना जीवन जी पा रही हूँ |
Patient anokhilal jain

श्री अनोखीलाल जी

मेरा नाम अनोखीलाल, उम्र ७६ वर्ष हैं, मुझे करीब २० साल से दिल कि परेशानी थी जिसके लिए में रोजाना दवा लेता हूँ, व समय समय पर अपने चिकित्सक से भी परामर्श लेते रहता हं | परन्तु करीब १५ साल पहले मुझे अपने घुटनों के जोड़ो में तकलीफ महसूस होने लगी जो धीमे धीमे करके बहुत परेशान करने लगी, चूँकि मैं बहुत से सामाजिक संस्थाओ से जुडा हुआ हूँ जो मरीजो के हित के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं, हमारी संस्था द्वारा अभ तक लगभग ३५० निशुल्क शिविरों का आयोजन किया जा चुका हैं , जिसके द्वारा हजारों मरीजो को स्वास्थलाभ मिला हैं, इसी कारण मेरा शहर के लगभग लगभग सभी चिकत्सको से अच्छा संपर्क था, मैंने उन चिकत्सको से मेरी समस्या के लिए संपर्क किया, उन्होंने मुझे बताया कि अनोखीलाल जी आपके घुटनों में चिकनाई की परत घिसने लगी हैं, जिसके कारण आपको ये दर्द हो रहा हैं | मैंने चिकित्सक से सवाल किया कि क्या ये परेशानी ठीक हो सकती हैं ???? तब उन्होंने मुझे सलाह दी कि आप कुछ दवाओं का नियमित सेवन करें व अच्छी तरह से कसरत करें तो काफी हद तक आपको इस समस्या से छुटकारा मिल सकता हैं, मैंने चिकित्सकों में समझाए अनुसार नियमित रूप से कसरत व दवाओ का सेवन चालु कर दिया जिससे मुझे आराम मिलने लगा, परन्तु कुछ समय बाद मुझे पुनः घुटनों में दर्द रहने लगा, जिसके कारण मैं अपने आप को बंधा हुआ महसूस करने लगा था, मैं अपने दैनिक काम के लिए भी दर्द निवारक दवाओं पर आश्रित हो गया था, व अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ न्याय नहीं कर पा रहा था | मैंने पुनः चिकित्सकों से संपर्क किया, अबकी बार उन्होंने मुझे एक्स रे करवाने की सलाह दी, एक्सरे के बाद उन्होंने मुझे बताया कि आपके घटने में घिसाव होने के कारण ये परेशानी हैं, अब इस समस्या का इलाज यही हैं कि आप जोड़ प्रत्यारोपण करवा लें, चूँकि मुझे हार्ट की परेशानी पहले से थी, ये बात मैंने चिकित्सक को बताया, तब उन्होंने मुझे बताया कि अगर आपके हार्ट के डॉक्टर सर्जरी के लिए आपको फिट घोषित कर देते हैं तब हम आपका ऑपरेशन कर सकते हैं , तो कृपया आप अपने हार्ट के डॉक्टर से संपर्क करें | तब मैं अपने हार्ट के डॉक्टर से मिला ओर अपनी सारी परेशानियों से उन्हें अवगत कराया, उन्होंने मेरे कुछ टेस्ट किये व यह बतलाया कि मेरे हार्ट की परेशानियों को देखते हुए वह ये सलाह देते हैं कि अगर मैं सर्जरी की तरफ जाता हूँ तो इसमें बहुत जोखिम हैं, तब मैंने सर्जरी का विचार त्याग दिया , परन्तु उचित इलाज के लिए मेरी खोज चालू रही, मुझे लगा कि मेरे जैसे हार्ट के मरीजों के लिए कोई तो तरीका होगा जिससे हम ठीक हो सके, तभी एक दिन मैंने न्यूज़ पेपर में सहज थेरपी के बारें में आई खबर को पढ़ा कि इसके द्वारा बिना किसी बड़े ऑपरेशन के इलाज किया जाता हैं, मैंने सहज थेरपी के सेंटर पर जा कर इस पद्धति के बारे में सब समझा फिर अपने हार्ट के डॉक्टर से इस नयी विधा के बारे में चर्चा की, तब उन्होंने मुझे कहा कि ये सर्जरी तुम करवा सकते हो क्यूंकि इसमें किसी तरह का कोई जोखिम नहीं हैं , तब मैंने वर्ष 2015 में इस विधा से अपना इलाज करवाया, इलाज के १ महीने बाद से ही मैं अपने सारे काम बिना किसी दर्द के करने लगा, आज पूरे ५ साल हो चुके हैं मेरी सर्जरी को, मुझे किसी भी तरह से कोई दर्द नहीं हैं, मैं अपने सारे सामाजिक उत्तरदायित्वों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर रहा हूँ, इस विधा से इलाज के बाद मुझे किसी भी तरह से कोई दवा का सेवन नहीं करना पड़ रहा हैं, मेरे मित्र व मेरे परिजन मेरी दर्दरहित अवस्था को देखकर बहुत खुश हैं, मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूँ कि जैसे मुझे सही समय पर सहज थेरपी के बारे में जानकारी मिली वैसे ही हर मरीज को यह जानकारी अपने नाम के अनुरूप बहुत ही सहजता से उपलब्ध हो |
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श्रीमती सरोज जी

मैं सरोज , उम्र ६४ साल पिछले १० सालो से घुटनों के दर्द से परेशान थी, थोडा सा भी पैदल चलने पर घुटनों मैं सूजन आ जाती थी, मैं अपने रोजमर्रा के कामों के लिए अपने आप को लाचार महसूस करने लगी थी | मेरी बेटियां मेरी यह हालात देख कर बहुत दुखी थी, वह बस यह चाहती थी कि किसी भी तरह उनकी माँ की साडी तकलीफ दूर हो जाये और मैं हमेशा खुश रहूँ, चूँकि मैं बहुत ही छोटे से शहर में निवासरत हूँ जहाँ पर स्वास्थ सुविधा अपेक्षाकृत उपलब्ध नहीं हैं, तब भी मेरी बेटियों ने मेरा हर तरह से इलाज कराया, इलाज के बाद कुछ समय तक तो अच्छा लगता परन्तु कुछ समय बाद ही परेशानी ओर बढ़ जाती जिससे मैं बहुत परेशान हो गयी थी, मेरी बिटिया का एक दोस्त जो कि भोपाल के चिरायु अस्पताल में डॉक्टर हैं, उसने मेरी बिटिया को सहज थेरपी के बारे में जन करी दी कि वह एक बार मुझे ले कर वहाँ जाये, डॉक्टर से परामर्श ले कि इस प्रक्रिया से क्या मेरा इलाज संभव हैं, मेरी बिटिया के दोस्त ने ये भी बताया कि इस सहज थेरपी के बारे में उसने बहुत कुछ पढ़ा हैं, व इसके परिणाम अच्छे हैं | उसकी सलाह मानकर हम सहज थेरपी इंदौर आये, प्रक्रिया को जाना समझा परन्तु मुझे विश्वास नहीं हुआ क्यूंकि मैंने कई बार कुछ नए के चक्कर में अपनी बेटियों के पैसे खराब कर दिए थे, मैंने वहाँ पर कुछ समय बाद सोच कर इलाज कराने का बोलकर वापस बीना आ गयी ओर मेरी बेटियों को कहा कि मुझे ये सब नहीं कराना, मैं तो अपना जीवन ऐसे ही निकाल लुंगी, तब मेरी बेटियों ने मुझे समझाया, सहज थेरपी के कुछ पुराने मरीजो से मिलवाया, उनके अनुभव को देखते हुए मैंने ये सर्जरी करवाने का सोचा,क्यूंकि इस सर्जरी को करवाने से नुक्सान कुछ भी नहीं था तब हमने इस सर्जरी को करवाने का निश्चय किया , दिनाँक ०१/०४/२०१७ को मेरा ऑपरेशन हुआ, ऑपरेशन के समय मेरी बिटिया का दोस्त जिन्होंने हमे इस सर्जरी के बारे में बताया था, उपस्थित रहा, पूरी सर्जरी बहुत अच्छे से हुई मुझे कोई भी तकलीफ नहीं हुई, व सर्जरी के दिन ही शाम के समय मैं चलने लगी, मुझे किसी भी तरह से बिस्तर पर पड़े रहने की जरुरत नहीं पड़ी| एक महीने के अंदर ही मेरा दर्द ५० % कम हो गया था जोकि समय के साथ धीमे धीमे कम होता गया ओर ६ महीने के अंदर यह ९५ % खत्म हो गया, आज पूरे २ साल हो गए हैं, मुझे घुटनों पर कोई सूजन नहीं रहती, मैं बिना दर्द के अपने सरे काम कर पाती हूँ, अब तो एक बेटी की शादी भी कर चुकी हूँ, पूरी शादी के दौरान कोई भी दर्द नहीं रहा | मैं बहुत खुश हूँ, सबसे पहले उस डॉक्टर को धन्यवाद देती हूँ जिसने मुझे सही राह बताई, ओर उस राह के बारे में सारी जानकारी सहज जा कर विस्तृत रूप से मिलने के लिए पूरे सहज स्टाफ ने बहुत ही सहजता से बताया | मैं लोगो को सलाह दूंगी कि अगर आप भी या आपका कोई नजदीकी जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो सहज जा कर जरुर परामर्श ले, वहाँ सही जानकारी सही इंसान से सही समय पर मिलती हैं जिससे आप सही समय पर सही निर्णय ले कर अपने परिजनों का जीवन बहुत आसान कर सकते हैं |
Patient droupadi chorasia

श्रीमती द्रोपदी जी

मैं द्रोपदी , उम्र ६४ वर्ष, मुझे पिछले कई सालों से घुटनों में दर्द कि समस्या थी, मेरे एक पैर में टेडापन भी आ गया था जिसकी वजह से मैं चलने में थोडा लचकने लगी थी, इस परेशानी के कारण मेरी कमर में भी बहुत दर्द रहता था, मेरे घरवालों ने मेरा हर तरह से इलाज कराया मतलब कसरत, सिकाई, दवाई इत्यादि, परन्तु इलाज खत्म होने के कुछ समय बाद तक ही में ठीक रह पाती थी, मेरे एक रिश्तेदार ने जोड़ प्रत्यारोपण की सर्जरी कराई थी परन्तु किसी  कारणवश वह चलने में असमर्थ थे, तो मैं इस जोड़ प्रत्यारोपण से जैसे डर सी गयी थी, मेरे घरवाले तो चाहते थे की मैं यह सर्जरी करा लूँ पर मैं मन ही मन इसके लिए तैयार नहीं थी, डॉक्टरों ने भी यही समझाया कि किसी भी सर्जरी के सफल होने में मरीज का विश्वास बहुत बड़ा हिस्सा होता हैं, जोकि किसी अपरिहार्य कारणों से मैं नहीं ला पा रही थी | मेरे पैरों कि लचक बढती जा रही थी, इसके साथ मेरी कमर भी अब बहुत परेशान करने लगी थी, परन्तु मैं अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद लगाये बैठी थी | मेरे पति मेरी इस हालात को देख के बहुत परेशान थे, उन्हें लगता था कि अब जब आराम करने के दिन आये हैं तब मैं इतनी परेशान हूँ, बाकि जीवन तो भागदौड मैं निकल गया, लोगो की इच्छाएं पूरे जीवन पूरी की पर अब इसे दर्द से परेशान नहीं देख सकते | उनके एक मित्र विदेश में रहते हैं, मेरे पति ने उन्हें मेरी परेशानी बताई ओर पुछा की क्या आपके देश में कोई ऐसा इलाज हैं जिससे मेरी श्रीमती जी के पैरों का दर्द दूर हो सके, तब उन्होंने बताया कि चौरसिया जी अब आपको ऐसे किसी भी देश में जाने की जरुरत नहीं हैं, अब विदेशों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सारी इलाज व्यवस्था अब अपने ही देश में उपलब्ध हैं, उन्होंने हमे सहज थेरपी के बारे में कुछ जानकारी दी व ये भी कहा कि आप एक बार जा कर उनसे उपचार विधि समझे फिर विवेकपूर्ण निर्णय ले, मेरे पति ने सहज थेरपी के भोपाल सेंटर में जा कर इस विधि के बारे में जान कारी ली, इसको समझा, अपने मित्र से सलाह ली फिर मेरा ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया, दिनाँक ०६/०४/२०१८ को मैंने अपना ऑपरेशन सहज थेरपी के इंदौर स्थित हॉस्पिटल में कराया, ऑपरेशन के तीसरे ही दिन हमारा डिस्चार्ज हो गया, मेरे पैरों के टेड़ेपन को सही करने के लिए सहज में एक छोटा सा ऑपरेशन ओर हुआ, ऑपरेशन के दिन से ही मैं चलने लगी, पूरे दो महीने बाद मेरे पैरों का दर्द ८०% खत्म हो गया था, आज २ साल हो चुके हैं मुझे किसी भी तरह से कोई दर्द नहीं हैं, पैरों में लचक आने की वजह से जो कमर मैं परेशानी आ रही थी वो भी अब पूरी तरह से ठीक हो चुकी हैं | अब मैं खुशी खुशी अपने सारे काम कर पा रही हूँ, मैं लोगो को बताना चाहूंगी कि दर्द से डरे नहीं, उसका उचित समय पर इलाज कराये | ईश्वर से यही प्रार्थना हैं कि सहज सभी को सरलता से मिले |
Patient Vijay kumar khanna

श्री विजय जी

मैं विजय उम्र ६० साल, USA, Bostan, निवासी हूँ, चूँकि मैं सनातन परंपरा का अनुयायी हूँ तो इसी कारण मेरा ज्यादातर समय भारत में माउन्ट आबू में अपने लोगो के साथ बीतता हैं, मेरा ज्यादातर समय प्रभु भक्ति में निकलता हैं जिसमे मुझे बहुत आत्मिक शांति मिलती हैं, किन्तु पिछले कुछ समय से मुझे अपने दोनों घुटनों में दर्द रहने लगा, मैंने अपने धार्मिक मित्र जिनमे से कई मशहूर चिकित्सक भी शामिल हैं, उनसे मेरी परेशानी के बारे में जिक्र किया, उन्होंने मुझे कुछ मेडिसिन खाने व योगा करने की सलाह दी, जिससे मुझे अच्छा लगने लगा, फिर मुझे अपने काम काज के सिलसिले में USA जाना पड़ा, वहाँ पर जाने के बाद मेरी काफी भाग दौड हुई जिसके कारण मेरे घुटनों में फिर से दर्द होने लगा, मैंने USA में ही डॉक्टर से परामर्श किया, उन्होंने भी मुझे मेडिसिन लेने की सलाह दी, तभी मेरी पत्नी को ऑस्ट्रेलिया की किसी पद्धति के बारे में पता चला, उसने मुझसे कहा की हमे ऑस्ट्रेलिया जा कर इस पद्धति से आपका इलाज करा लेना चाहिए, मैंने भी सोचा कि यही सही रहेगा| हम ऑस्ट्रेलिया गए वहाँ जा कर डॉक्टर से परामर्श लिया, उन्होंने बताया कि अगर आप भारत से हैं तो आप चाहे तो इस विधा से आप अपना इलाज भारत में भी करा सकते हैं, मुझे यह वाला आप्शन सबसे सही लगा क्यूंकि मैं जितना खुश अपने लोगो के बीच होता हूँ उतनी खुशी मुझे कहीं नहीं मिलती , हमने वापस भारत आकर, इस विधा से सम्बंधित सहज अस्पताल इंदौर (मध्यप्रदेश ), में संपर्क किया,वहाँ जा कर इलाज लिया, आज पूरे १ साल हो गए हैं मेरे इलाज को, अभी मुझे कोई भी परेशानी नहीं हैं, मुझे किसी भी तरह की मेडिसिन लेने की कोई जरुरत नहीं पड़ती हैं व मैं अब प्रभु भक्ति बहुत आराम से एवं तल्लीनता से कर पता हूँ, मैं बहुत ही भाग्यशाली हूँ की मैंने अपने ही देश में अपने ही डॉक्टर से इलाज पाया एवं बिना किसी परेशानी के अपने सारे काम कर पा रहा हूँ, मैं तो अब अपने USA वाले सभी मित्रों को भी सलाह देता हूँ कि पधारो म्हारे देश...
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